मेरठ सेंट्रल मार्केट में बुलडोजर कार्रवाई की पूरी जानकारी?
मेरठ सेंट्रल मार्केट में बुलडोजर कार्रवाई, 16 सितंबर 2026 को शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में एक बार फिर बुलडोजर कार्रवाई शुरू हुई। मेरठ सेंट्रल मार्केट बुलडोजर कार्रवाई के दौरान आवास एवं विकास परिषद की टीम ने पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में चिन्हित अवैध निर्माणों के खिलाफ ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। कार्रवाई को देखते हुए सेंट्रल मार्केट और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई। कई रास्तों पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही को नियंत्रित किया गया।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार सेंट्रल मार्केट में चिन्हित और सील किए गए 44 भवनों में से जिन भवन मालिकों ने तय समय में अवैध निर्माण नहीं हटाए, उनके खिलाफ अब आवास एवं विकास परिषद की ओर से कार्रवाई की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तेज हुई कार्रवाई
मेरठ सेंट्रल मार्केट बुलडोजर कार्रवाई: मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट का मामला लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया में है। रिपोर्टों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई को चिन्हित व्यावसायिक परिसरों के संबंध में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद संबंधित भवन मालिकों को अपने स्तर से अवैध निर्माण हटाने के लिए समय दिया गया था।
आवास एवं विकास परिषद का कहना है कि जिन भवनों में तय समयसीमा के भीतर अवैध हिस्से नहीं हटाए गए, वहां अब विभागीय स्तर पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
44 भवनों पर कार्रवाई का मामला
मेरठ सेंट्रल मार्केट बुलडोजर कार्रवाई का दायरा 44 चिन्हित और सील किए गए भवनों से जुड़ा है। इनमें ऐसे परिसरों को शामिल किया गया है जिनमें आवासीय भूखंडों पर व्यावसायिक गतिविधियां और संबंधित अवैध निर्माण होने की बात सामने आई है।
बुधवार को कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर बुलडोजर और अन्य मशीनरी लगाई गई। अलग-अलग रिपोर्टों में कार्रवाई के दौरान पांच से छह भवनों पर ध्वस्तीकरण किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसलिए अभियान के दौरान संख्या में बदलाव संभव है।
पूरे इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था
मेरठ सेंट्रल मार्केट बुलडोजर कार्रवाई को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। नई सड़क से लेकर सेक्टर-6 तक कई मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई। पुलिस और पीएसी के जवानों की तैनाती की गई ताकि कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे।
रिपोर्टों के मुताबिक, सुबह से ही पुलिस ने इलाके को घेर लिया था। आम लोगों की आवाजाही को कुछ मार्गों पर नियंत्रित किया गया। प्रशासन की ओर से कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किया गया।
व्यापारियों और भवन मालिकों में हलचल
मेरठ सेंट्रल मार्केट बुलडोजर कार्रवाई शुरू होने के बाद सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों और भवन मालिकों के बीच हलचल बढ़ गई। लंबे समय से इस मामले को लेकर व्यापारी संगठनों और प्रभावित लोगों की ओर से विरोध भी किया जाता रहा है।
बुधवार को कार्रवाई के दौरान कुछ व्यापारी और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से इलाके में प्रवेश और आवाजाही को नियंत्रित रखा। लाइव रिपोर्टों में कुछ व्यापारी नेताओं के विरोध और पुलिस कार्रवाई की जानकारी भी सामने आई है।
कुछ भवन मालिकों ने खुद हटाए अवैध निर्माण
मेरठ सेंट्रल मार्केट बुलडोजर कार्रवाई: रिपोर्टों के अनुसार 44 चिन्हित भवनों में से कई भवन मालिकों ने प्रशासन द्वारा दिए गए समय के दौरान अपने स्तर से अवैध निर्माण या सेटबैक पर किए गए निर्माण को हटा दिया था। हालांकि कुछ भवनों में तय समय के बाद भी निर्माण हटाए नहीं गए, जिसके बाद आवास एवं विकास परिषद ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की।
हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, 44 चिन्हित भवनों में से 38 भवन मालिकों द्वारा अवैध हिस्से हटाए जाने की जानकारी दी गई, जबकि छह भवनों में कार्रवाई की स्थिति बनी रही।
21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल होनी है रिपोर्ट
मेरठ सेंट्रल मार्केट बुलडोजर कार्रवाई मामले में अगली महत्वपूर्ण तारीख 21 सितंबर 2026 बताई जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार आवास एवं विकास परिषद और संबंधित प्रशासन को उस समय तक की गई कार्रवाई की अनुपालन रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करनी है।
इसी वजह से सेंट्रल मार्केट में कार्रवाई तेज होने की बात सामने आ रही है। प्रशासन की कोशिश है कि अदालत के निर्देशों के अनुसार निर्धारित कार्रवाई की स्थिति रिपोर्ट में प्रस्तुत की जा सके।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
मेरठ सेंट्रल मार्केट बुलडोजर कार्रवाई: शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में अवैध निर्माण का मामला नया नहीं है। इस क्षेत्र में आवासीय भूखंडों पर बड़े व्यावसायिक निर्माण और गतिविधियों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है।
मामले में न्यायिक निर्देशों के बाद पहले भी सीलिंग और अन्य प्रशासनिक कार्रवाई की जा चुकी है। अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में चिन्हित परिसरों में अवैध हिस्सों को हटाने की कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।
प्रशासन की कार्रवाई पर क्या है स्थिति?
मेरठ सेंट्रल मार्केट बुलडोजर कार्रवाई: बुधवार को शुरू हुए अभियान में आवास एवं विकास परिषद की टीम पुलिस-प्रशासन के साथ मौके पर मौजूद रही। अधिकारियों की निगरानी में चिन्हित निर्माणों पर मशीनों से कार्रवाई की गई।
विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में ध्वस्तीकरण किए गए भवनों की संख्या में अंतर दिखाई दे रहा है, क्योंकि अभियान दिनभर जारी रहा और अलग-अलग समय पर अपडेट जारी किए गए। इसलिए अंतिम संख्या प्रशासन की आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट मानी जाएगी।
आगे क्या होगा?
मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में चल रही मेरठ सेंट्रल मार्केट बुलडोजर कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर 21 सितंबर की सुनवाई और अनुपालन रिपोर्ट पर है। प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई की स्थिति अदालत के सामने रखी जाएगी।
फिलहाल सेंट्रल मार्केट और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। कार्रवाई के दौरान प्रशासन की ओर से लोगों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की गई है।
निष्कर्ष
मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में 16 सितंबर 2026 को शुरू हुई मेरठ सेंट्रल मार्केट बुलडोजर कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन से जुड़ी है। 44 चिन्हित परिसरों में से तय समय में अवैध निर्माण नहीं हटाने वाले भवनों पर आवास एवं विकास परिषद द्वारा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। भारी पुलिस और पीएसी की मौजूदगी में अभियान चलाया गया है। अब 21 सितंबर को होने वाली सुनवाई और दाखिल की जाने वाली अनुपालन रिपोर्ट इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।
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