भारत में भीषण गर्मी से अस्पतालों में बढ़े मरीज
भारत में भीषण गर्मी और खतरनाक हीटवेव की मार झेल रहा है। उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तक सूरज आग बरसा रहा है। कई राज्यों में तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। गर्म हवाओं और पानी की कमी ने लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। हालत यह है कि अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और बुखार के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं, जबकि कई इलाकों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
India के कई हिस्सों में मौसम ने आपातकाल जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक राहत की संभावना कम जताई है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, पंजाब और हरियाणा सहित कई राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तर भारत में आग उगल रहा आसमान
भारत में भीषण गर्मी: उत्तर भारत के ज्यादातर शहरों में दोपहर के समय सड़कें सुनसान दिखाई दे रही हैं। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं। राजधानी New Delhi समेत कई शहरों में गर्मी ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सुबह से ही तेज धूप शुरू हो जाती है और दोपहर तक सड़कों पर ऐसा महसूस होता है जैसे आग बरस रही हो।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मई महीने में तापमान सामान्य से कई डिग्री ज्यादा रिकॉर्ड किया जा रहा है। पश्चिमी और मध्य भारत से आने वाली गर्म हवाएं उत्तर भारत को और ज्यादा झुलसा रही हैं। कई इलाकों में रात के समय भी तापमान कम नहीं हो रहा, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल पा रही।
बांदा में 48 डिग्री पार, अस्पतालों में मरीजों की भीड़
भारत में भीषण गर्मी: Banda इस समय देश के सबसे गर्म इलाकों में शामिल हो गया है। यहां तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। तेज धूप और लू के कारण लोगों की हालत खराब हो रही है। सरकारी अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
डॉक्टरों के अनुसार हीट स्ट्रोक, उल्टी, चक्कर और डिहाइड्रेशन के मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। बुजुर्गों और बच्चों पर गर्मी का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। अस्पतालों में अतिरिक्त बेड और दवाओं की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दोपहर के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। कई मजदूर और रिक्शा चालक काम छोड़कर घरों में रहने को मजबूर हैं क्योंकि लगातार गर्मी में काम करना जानलेवा साबित हो सकता है।
नागपुर में टूटा 10 साल का रिकॉर्ड
भारत में भीषण गर्मी: Nagpur और विदर्भ क्षेत्र में भी गर्मी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। यहां तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पिछले 10 सालों में सबसे अधिक बताया जा रहा है।
तेज गर्मी के कारण बिजली की मांग अचानक बढ़ गई है। एयर कंडीशनर और कूलर लगातार चलने से कई इलाकों में बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं। लोग दिनभर घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। सड़कें दोपहर में लगभग खाली दिखाई दे रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी इलाकों में कंक्रीट और वाहनों से निकलने वाली गर्मी भी तापमान बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रही है। पेड़ों की कमी और लगातार बढ़ता प्रदूषण स्थिति को और गंभीर बना रहा है।
झारखंड में पानी के लिए लंबी कतारें
भारत में भीषण गर्मी: Jamshedpur में गर्मी के साथ-साथ पानी का संकट भी गहराता जा रहा है। कई इलाकों में कुएं और हैंडपंप सूख चुके हैं। लोगों को पीने के पानी के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है।
टैंकरों से पानी सप्लाई की जा रही है, लेकिन वह भी जरूरत के मुकाबले कम पड़ रही है। महिलाएं और बच्चे सुबह से ही पानी भरने के लिए बर्तनों के साथ कतारों में खड़े दिखाई दे रहे हैं। कई परिवारों को रोजाना कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ रहा है।
स्थानीय प्रशासन पानी की आपूर्ति बढ़ाने का दावा कर रहा है, लेकिन बढ़ती गर्मी और घटते जलस्तर ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी ज्यादा गंभीर बताई जा रही है।
रतलाम के गांवों में दर्दनाक हालात
भारत में भीषण गर्मी: Ratlam के खरचा गांव सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में पानी का संकट भयावह रूप ले चुका है। यहां तालाब, कुएं और नाले पूरी तरह सूख चुके हैं। गांव की महिलाएं और बच्चे पहाड़ी रास्तों से कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाने को मजबूर हैं।
गर्मी इतनी ज्यादा है कि खेतों में काम करना मुश्किल हो गया है। पशुओं के लिए भी पानी की भारी कमी हो गई है। गांव के लोग प्रशासन से स्थायी जल व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। कई परिवारों का कहना है कि हर साल गर्मी बढ़ रही है और पानी की समस्या पहले से ज्यादा गंभीर होती जा रही है।
पहाड़ भी नहीं दे रहे राहत
भारत में भीषण गर्मी: जहां लोग पहाड़ी इलाकों को गर्मी से राहत की जगह मानते थे, वहीं इस बार वहां भी तापमान तेजी से बढ़ा है। Shimla में भी सामान्य से ज्यादा गर्मी महसूस की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार मई महीने में ऐसी गर्मी पहले कम देखने को मिली थी। पर्यटन स्थलों पर आने वाले लोग भी गर्म मौसम से परेशान दिखाई दे रहे हैं। मौसम वैज्ञानिक इसे जलवायु परिवर्तन का असर बता रहे हैं।
अस्पतालों में बढ़ा दबाव
भारत में भीषण गर्मी: देश के कई अस्पतालों में हीटवेव से प्रभावित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टर लोगों को दोपहर के समय घरों से बाहर न निकलने की सलाह दे रहे हैं। शरीर में पानी की कमी, चक्कर, तेज बुखार और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक लगातार तेज गर्मी शरीर की कार्यप्रणाली पर गंभीर असर डालती है। समय पर इलाज न मिलने पर हीट स्ट्रोक जानलेवा भी हो सकता है। डॉक्टर अधिक पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप से बचने की सलाह दे रहे हैं।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
भारत में भीषण गर्मी: मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है। कुछ इलाकों में तापमान 47 से 48 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी करने को कहा गया है।
सरकार की ओर से कई शहरों में पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं और अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। स्कूलों के समय में भी बदलाव किया जा रहा है ताकि बच्चों को तेज गर्मी से बचाया जा सके।
जलवायु परिवर्तन बना बड़ी चुनौती
भारत में भीषण गर्मी: विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ती गर्मी और पानी की समस्या जलवायु परिवर्तन का संकेत है। जंगलों की कटाई, प्रदूषण और तेजी से बढ़ते शहरीकरण ने मौसम के संतुलन को प्रभावित किया है। आने वाले वर्षों में यदि पर्यावरण संरक्षण पर गंभीरता से काम नहीं किया गया तो ऐसी स्थिति और भी खतरनाक हो सकती है।
भारत में भीषण गर्मी: फिलहाल देशभर के करोड़ों लोग भीषण गर्मी की मार झेल रहे हैं। हर गुजरते दिन के साथ तापमान नए रिकॉर्ड बना रहा है और लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं ताकि इस भीषण गर्मी के बीच जनहानि को रोका जा सके।
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