कानपुर में लेम्बोर्गिनी कार से छह लोगों को कुचलने के मामले में अब एक नया मोड़ सामने आया है। कारोबारी और वंशीधर टोबैको ग्रुप से जुड़े के.के. मिश्रा मंगलवार को ग्वालटोली थाने पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिस के सामने अपना पक्ष रखा।
के.के. मिश्रा ने दावा किया कि हादसे के समय लेम्बोर्गिनी कार उनका बेटा शिवम मिश्रा नहीं, बल्कि परिवार का ड्राइवर मोहन चला रहा था। उन्होंने कहा कि दुर्घटना को लेकर फैल रही जानकारियों में कई तथ्यात्मक गलतियां हैं और पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।
एक्सीडेंट के 24 घंटे बाद सामने आए फुटेज में एक बाउंसर शिवम मिश्रा को लेम्बोर्गिनी रेवुएल्टो की ड्राइवर सीट से खींचता हुआ दिख रहा है। बैकग्राउंड में स्थानीय लोगों को लोगों से वीडियो रिकॉर्ड करने की अपील करते हुए सुना जा सकता है।
उन्होंने बताया कि कार में मौजूद तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे की मेडिकल जांच कराई जाएगी। शिवम पर आरोप है कि वह हादसे के समय लैंबॉर्गिनी चला रहा था। अटकलें लगाई जा रही थीं कि घटना के वक्त शिवम नशे में था। लेकिन परिवार का दावा है कि उसे मिर्गी के दौरे पड़ते हैं।
